6 STAGES TO ACHIEVE FINANCIAL FREEDOM

IN THIS POST WE ARE GOING TO DISCUSS ABOUT financially independence. HOW TO ACHIEVE FINANCIAL FREEDOM.

इससे तात्पर्य है “पैसो की चिंता से आजादी” . ये सही है की आर्थिक आजादी एक लंबी यात्रा है और इस में जो पड़ाव आते है वे आर्थिक आजादी से प्रभावित होते है।इस लेख में बताया जायेगा की आर्थिक आजादी के कितने पड़ाव/स्टेज हो सकते है। और आपकी आर्थिक आजादी की कोन सी यात्रा है जिससे आपको होकर गुजरना है। और आपको यह भी पता लगेगा की आर्थिक आजादी की यात्रा में आप कहा पर खड़े है।

 “ When you understand that your self-worth is not determined by your net-worth, then you’ll have financial freedom.”

आर्थिक आजादी के पहले स्टेज में आर्थिक निर्भरता आती है।
इस स्टेज में हम तब होते है जब हम या तो बच्चे होते है या फिर अपने परिवार या फिर बड़े होने के बाद हमारे पास आमदनी का कोई जरिया नहीं होता है, तो इस तरह हम आर्थिक रूप से निर्भर होते है। इसके आलावा आर्थिक निर्भरता की स्तिथि तब होती है जब हमारे पास पैसे/इनकम तो होती है पर वो हमारे खर्च से बहुत कम होती है। और इन खर्चो को पूरा करे के लिए या तो हम उधार लेते है,लोन लेते है। उदाहरण:- भले ही कोई व्यक्ति की इनकम 1 लाख रूपये ही क्यों न हो पर उसका खर्च जयादा है तो वो भी,इसी स्टेज/पड़ाव में है।

इस स्टेज में हर कोई होता है चाहे वह बच्चा हो या कोई लोग। परेशानी तब होती है जब लोग कमाना शुरू कर चुके होते है और एक लंबे समय के बाद भी उनका खर्च उनके इनकम से जयादा होता है। हमारी कोशिश होनी चाहिये की हम जल्द से जल्द इस स्टेज से बहार निकले।

आर्थिक आजादी के दूसरे स्टेज को आर्थिक रूप से बराबरी की स्तिथि कहा जाता है।
इस स्टेज में हमारी आमदनी और हमारी खर्च लगभग बराबर होते है। अगर आपने पेय चेक टू पेय चेक के सिद्धांत को पढ़ा हो तो,यह दूसरा स्टेज इसी के सामान है। इस स्टेज में हमारे पास बहुत पैसा पैसा तो नहीं होता लें इतना जरूर होता है जिससे हम अपने सभी खर्चो की जरुरत को पूरी कर सके और उधार लेने की जरुरत न पड़े। जिससे हम किसी और पर निर्भर नहीं रहते है। और इस स्टेज से निकले के लिए आपको अपनी खर्च को कम करके इनकम को बढ़ाना है। अगर आप ऐसा करते है तो आप आर्थिक आजादी के तीसरे स्टेज पर पहुंच जायेंगे।

6 STAGES TO ACHIEVE FINANCIAL FREEDOM
6 STAGES TO ACHIEVE FINANCIAL FREEDOM

आर्थिक आजादी का तीसरा स्टेज है आर्थिक स्थिरता ।
आर्थिक स्थिरता का मतलब है एक ऐसी स्तिथि जब आप अपने पैसो पर नियत्रण हो। और पैसो के ऊपर नियत्रण होने का अर्थ है आपका अपने खर्चो पर नियत्रण हो। और आपकी आमदनी आपके खर्च से ज्यादा है। आप आर्थिक स्थिर तब मने जायेंगे जब आप अपने लोन,उधार इत्यादि को समय पर दे सकेंगे और फिर भी आपके पास कुछ पैसा बच जाये। और इस बचत के पैसे से काम से काम छह महीने का आपातकालीन फण्ड इकठ्ठा कर पाए।
आपत्कालीन फण्ड क्या होता है?

अगर आपने ये कर लिया है तो आप उन 20% प्रतिशत लोगो में आ चुके है क्युकी 80% लोग अभी भी पहले दो स्टेज में फसे रह जाते है। ये सभी तीन स्टेज का स्रोत्र एक्टिव इनकम से है और इसमें नेट वर्थ भी नहीं जोड़ा गया है जो हर एक व्यक्ति का आर्थिक जीवन सुधरने में ममद करता है। आगे के आने वाले स्टेज पैसिव इनकम से बनेगे।

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आर्थिक आजादी के चौथे स्टेज आर्थिक रूप से सुरक्षित होना।
इस स्टेज में हम तब पहुंचते ही जब हमारी प्राथमिक आवशयकता पूरी होने के पाद भी पैसिव इनकम बच जाये। जैसे मान ले एक व्यक्ति का हर महीने का खर्च यही 20 हज़ार रूपये और बचत के रूप में उसे 20 हज़ार की पैसिव इनकम प्राप्त हो रहा है तो यह मान सकते है की वह व्यक्ति आर्थिक रूप से सुरक्षित है। ध्यान रहे की पैसिव इनकम होने के लिए आपको प्राथमिक आशयकता को पूरी करना जरुरी है। व्यक्ति से व्यक्ति किसी का प्राथमिक आवशयकता 10 हज़ार,20 हज़ार या 1लाख भी हो सकता है। और मुख्य बात: आर्थिक रूप से सुरक्षित होने के लिए आपका नेट वर्थ होना जरूर है. और उसका अनुमान लगाने के लिए सबस पहले यह जानना होगा की आपकी प्राथमिक आवशयकता क्या है।

उदाहरण: अगर व्यक्ति का महीने की वेतन है 15 हज़ार तो एक साल के मुताबिक 15000✖12= 1.80 लाख रूपये। और इसका नेट वर्थ होगा = 1.80✖100/5= 36 लाख। इस एक्वेशन में जो 5 से डिवाइड किया है वो बैंक का FD इंटरस्ट रेट है।

आर्थिक आजादी के पांचवा स्टेज आर्थिक स्वतन्त्र होना है।
इस स्टेज में आपका पैसिव इनकम इतना होना चाहिए की जिस तरीके की जीवन आपको जीना चाहते है उसके लिए आपका पैसिव इनकम समय पर उपलबध होना चाहिए। और अपनी मन पसंद लाइफ और आवशयकताओ को आप अपने पैसिव इनकम से पूरा कर सके।

आर्थिक आजादी का आखरी स्टेज है आर्थिक प्रचुरता।
ये वो वर्ग है जिसमे दुनिया के आमिर लोग आते है। जैसे जेफ़ बेज़ोस,बिल गेट्स,वारेन बफेट,मुकेश अम्बानी,रतन टाटा, इत्याद। इन लोगो के पास जरुरत से बहुत ज्यादा धन है और ये जिस तरह की जीवन जीना चाहते है वह जी सकते है। और ये चाहे जितना भी खर्च करे इनके पास पैसे की कमी नहीं होगी। क्युकी इनका नेट वर्थ और पैसिव इनकम साल दर साल बढ़ता ही जा रहा है। और इस स्तिथि में आप आर्थिक प्रचुरता को प्राप्त कर लेते है। तो अब आपको आर्थिक आजादी के बारे में एक आईडिया आ गया होगा।

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