IT SECTOR AND U.S-IRAN TENSION

  • ईरान और अमेरिका शांति प्रस्ताव
  • ईरान और अमेरिका के कारण टेक सेक्टर पर प्रभाव
  • विश्व अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव

यू.एस का ईरान पर हमले से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बहुत बड़ा असर पड़ा है और इस वजह से उद्योग और टेक इंडस्ट्री के वृद्धि मे काफी नुकशान पहुँचने के आसार जताये जा रहे है।वैश्विक उद्योग पर सभी तरह के भू राजनीतिक कार्यक्रमों का भी बडा असर पड़ सकता है। इससे “आई.टी” जगत के बजट के उद्यम पर भी प्रभाव पड़ेग :- यह बयान चीफ टेक् एनालिस्ट के दवारा दिया गया है।
ईरान पर इस नए हमले से और निसंदेह इसके प्रभाव के कारण कई बहुराष्ट्रीय कंपनी एवं उद्योगों पर असर पड़ेगा जिससे वैश्विक अर्थववस्था प्रभावित होगी। और टेक क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं रहेगा।

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इसी तरह की सामान बयान यू.एस स्तिथ प्रशांत शुक्ला के दवारा दिया गया जिसमे कहा गया की “यू.एस एवं ईरान के बीच तनाव से अभी क्या क्या असर पड़ेगा इसका खुलासा नहीं हुआ है ,पर यह निश्चित है की 2020 में टेक उद्योग पर अच्छा प्रभाव भी नहीं पड़ेगा। “
टेक एनालिस्ट के मुताबिक यू.एस बाजार तो पहले से ही ब्रेक्सिट के कार्यो से चिंतित है, और अब चुनावी वर्ष में अर्थव्यवस्था पर राजनितिक प्रभाव वह भी के कारण टेक् क्षेत्र के विस्तार,प्रभावित होगा।
यू.के और यूरोप का सिर्फ ब्रेक्सिट के बाद का सहयोग और अनुपालन से जुड़ा हुआ है। टेक क्षेत्र जो अभी भी बैंकिंग,लोजिस्टिक्स,सप्लाई चैन इत्यादि में डूबे हुए है ,वे सबसे अच्छे जगह है और मैं देख सकता हूँ की ये सभी बड़े छः भारतीय विरासत देने वाले लोग बहुत सारे नए सौदों के अवसर पा रहे है। और वो भी नए चेहरों को परिचय करवाने में कई तरह के चुनोती का सामना करना पड़ रहा है।

हाल ही में हुए अमेरिका और ईरान हमले के तनाव के कारण कई देशो के औपचारिक बयान उभरकर आ रहे है। हालांकि यह विश्व युद्ध तीन की तरह इशारा भी हो सकता है। भारत समेत कई देशो ने अपने बयान में कहा है की:- दोनों देशो से अनुरोध कर रहे है की वे इस समस्या का निवारण करे. और शांति के प्रस्ताव का अनुसरण करे। नवभारत टाइम्स के समाचार के मुताबिक ईरान ने कहा है की अगर शांति स्थापित करने में भारत कोई भूमिका निभाता है तो वह इसका स्वागत करता है। ईरानी राजदूत का मानना है की शांति के प्रक्रिया में भारत हमेशा से ही अच्छी भूमिका निभाता है।

अमेरिकी ड्रोन हमले में सुलेमानी के मौत के बाद तो कोहराम मच गया था। ईरान का ब्यान था की अमेरिका को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी जिसके तहत ईरान ने अमेरिकी जवानो पर मिसाइलों से हमला किया। ईरान के रेवोलुशनरी गार्ड्स ने कहा है की सतह से सतह पर घायल करने वाली मिसाइलों का हमला किया गया है और यह हमला इराक में अमेरिकी दवारा अधिकृत अल-असद कैम्प पर किया गया था। मिसाइलों में “फ़तेह-313 और क़ियाम” का प्रयोग हुआ है। अमरीकी रक्षा विभाग ने कहा है की ईरान ने कम से कम एक दर्जन से भी जयादा मिसाइल से हमला किया है। स्तिथि यह जताई जा रही ही की अमेरिकी राष्ट्रपति ने शांति का प्रस्ताव जारी किया है और ईरान ने भी। परन्तु यू.एन की अगली मीटिंग के लिए ईरानी राजदूतो को अमेरिकन वीसा नहीं मिल रहा है।

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