Supreme Court Advocate Raise Voice Against C.A.A & NRC

Supreme Court Advocate Terrific Oration

सुप्रीम कोर्ट के एक वकील भानु प्रताप, जो की C.A,A और NRC  के खिलाफ है उन्होंने कहा “जब C.A.A  लाते हो तो आप साथ में कहते हो आप चिंता मत करो साथ में NRC  भी आएगा। अब जब NRC भी आएगा तो डरे क्यों नही भाई । क्योंकि आपने 3.5 साल NRC  किया आसाम में और उसमे आपने 1600 करोड़ रुपये खर्च किये और इतने पैसे खर्च करने के बाद जो आपके हाथ में आया 19 लाख लोग उस NRC  से बाहर हो गए .

उसमे भी 14 से 15 लाख लोग जो गैर मुस्लिम है वो बाहर हो गए आप चाहते कुछ और थे।आप चाहते थे की मुसलमान बाहर हो जाए क्योंकि यही तो राजनीति है पर ये पास हो गया उलट निकल गये वो बाहर। और जब आप NRC  कर रहे थे तब आसाम की 3,4 करोड़ की आबादी दर दर फिर रही थी। ये कागज लाओ वो कागज लाओ वो इससे बनवाओ ये इससे बनवाओ,इसको रिश्वत दे उसको रिश्वत दे, गरीब आदमी रोजी रोटी कमाता है सुबह से शाम तक मेहनत करता है  तो भी पेट नही पाल पता. तुमने और भी लाइन में लगा दिया। तुमने नोटेबन्दी में इतने लाइन में लगवा दिए जिनमे 200 लोग मारे गए। देश को बर्बाद कर दिया। तुमने कहा था काला धन आएगा ,कोई भी काला धन नही आया बल्कि तुम जो चाह रहे थे उससे ज्यादा पैसा वापिस आ गया। पर काला धन नही आया। तो तुमने इतनी लंबी लाइन में लगाया फिर आसाम में लगाया। हमारे देश के पूर्व राष्ट्पति आदरणीय फकरुदीन साहब के परिवार के लोगो का भी NRC  में नाम नही है।जब हमारे राष्ट्पति के परिवार नागरिकता के लिए मारे मारे फिर रहे है और वो सेना का उच्च अधिकारी जो 1971 की लड़ाई में भी रहा वो भी भागा भागा फिर रहा है अपनी नागरिकता साबित करने के लिए। ये तो छोटे से उधाहरण है। वो गरीब आदमी की संख्या का तो हिसाब ही नही है जिनकी तो कोई मीडिया वाला खबर नही लेता,जिसके विषय में कोई भी प्रेस वाला रिपोर्ट नही छपता और कोई भी खबर भी लेता उनकी संख्या कितनी होगी। इसीलिए वे 19 लाख लोग बाहर निकले। जैसे दिल्ली में होता है की कच्ची कॉलोनी वालो के वोट तो ले लो पर उनको सुविधा मत दो। जब सुविधा देने की बात आयी तो कैसे दे सकते है ये तो कच्ची कॉलोनी है। तो 19 लाख लोगो की वोट तो लेली आपने अब उनको निकल कर बाहर फेक दिया। एक आदमी तड़ीपार तो दूसरे की डिग्री का पता नही ,ये क्या तामाशा है। अफसोस ये शब्द बोलने पड़ रहे है । एक आदमी जो बहुमत के साथ जीतकर आता है क्या उन्हें यह नही करना चहिये की देश में भी किसी जाति,धर्म,समुदाय के आधार पर उन्हें रोज़गार दे, उनकी सुरक्षा की व्यवस्था करनी है,उनके बच्चों के शिक्षा की व्यवस्था करनी है,किसानों और मजदूरो का खयाल रखना है, ये तुमने कहा था, ये तुम्हे करना चाहिए था। पर तुम वो कोई काम नही कर रहे। तुम बेतहर क्या कर रहे हो ,CAA  ले आये।

अच्छा पहले आदमी अपना घर सुधरता है उसके बाद ही तो बाहर की समस्या दूर करता है।अब आपके घर की क्या हालात है ,आपके घर की इतनी बुरी हालात है की हम दुनिया में भूखमरी में सबसे आगे है।शिक्षा में हम दुनिया में 300 बड़ी यूनिवर्सिटी है उनमे हमारा कोई स्थान नही है।301 पर जाकर हमारी एक यूनिवर्सिटी का नम्बर आता है। 20 करोड़ से ज्यादा लोग आज दी डेट में बेरोजगार है।कोन है वे लोग ?

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18 साल से लेकर के 35 साल का जवान। जिसे तुम कहते हो युवा भारत,जो तुम्हे वोट देता है। जो लोग बेरोजगार है उनके विषय में चिंता करोगे तुम या उन लोगो के चिंता करके कह रहे हो की यहां ये होता तो ये सम्भव हो जाएगा।आप ही ने कहा था बेटी पढ़ाओ और बेटी बचाओ ,आप ही का नारा था पर आप ही के मंत्री,एम,एल,ए बहु-बेटियो का बलात्कार कर रहे है। क्योंकी आपके विधायक और एम,पी जो आपकी पार्टी2 में है उनमे से 30% आपराधिक मामलो में लिप्त है। जिनपर रेप के,हत्या के ,चोरी के,डकैती के मुकदमे चल रहे है। तो सरकार कैसी है आपकी ,क्या काम करने है आपको ? जो काम करने थे वो काम नही किया।जब हम कहते है हम विश्व गुरु बनेगे तो गुरु क्या अनपढ़ बनेगा या कम पढ़ालिखा बनेगा ?गुरु तो पढ़ा-लिखा ही बनेगा।और तुमने निजीकरण से शिक्षा का बेरा-गर्ग कर दिया । सरकारी स्कूलों की शिक्षा को तुमने खत्म कर दिया और जो तुमने नई शिक्षा पर नीतिया लायी है जिसमे अगर कॉलेजो को पैसे का इंतजा स्वयम करना पड़ेगा। मतलब आपने उनको निजी हातो में दे दिया।आपका काम क्या था ? आपका काम था सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाना। अगर शिक्षा होगी तो कोई भी देश तरक्की करेगा। जितनी ज्यादा शिक्षा उतनी ही ज्यादा रोज़गार,उतनी ही ज्यादा भुखमरी से छुट्टी मिलेगी पर तुमने शिक्षा का बेरा-गर्ग करके रख दिया । क्यों? क्योंकि तुम चाहते हो की लोग बेरोजगारी बने रहे,अनपढ़ बने रहे,अशिक्षित रहे, ताकि तुम अपनी मर्जी से लोगो को चला सको। तो जो जरूर काम थे वो आपने नही किये । आपने वो काम किये जो लोगो को बेरोज़गारी की तरह ले जाए। और एक चीज़ और की आप लोगो को रोज़गार दे नही सके और आप लोगो से रोज़गार लिए जा रहे हो। Bsnl,mtnl  जिसमें लगभग 2 लाख कर्मचारि है उनमे से 1.25 लाख कर्मचारी निकलने की आपकी तैयारी है। इस सरकार ने ज्यातर सार्वजनिक कंपनी नही बनाया पर इसे बेचने पर तुली हुई है। आजकल सरकार का ख़र्चा 50% बढ़ गया है । रोज़गार तूने दिया नही,शिक्षा तुम ले रहे हो, काम तुम्हें किया नही और तुम्हारी किस बात की खर्च बढ़ गए है । j.n.u  में शिक्षा बजट कितना है 410 करोड़ रुपये और तुम्हारा खुद का चेहरा दिखने(पोस्टर प्रमोशन) का बजट 1100 करोड़ रुपये है।और अब वो चौकीदार अब लेकर आया C.A.A ।मतलब जो लोग पाकिस्तान,अफगानिस्तान,बाग्लादेश में धर्म के आधार पर प्रताड़ित होंगे उन्है नागरिकता दोगे। यह अच्छी बात पर आप मुसलमान को क्यों छोड़ रहे हो। जो अहमदिया,सुन्नी मुस्लिम उनका क्या करोगे? और ये तीन ही क्यों. हमारे पड़ोसी तो भूटान,श्रीलंका,नेपाल भी है। श्रीलंका मद तमिल, उनके साथ कितने समय से अत्याचार हो रहे है। जो कब से नागरिकता के लिए तरस रहे है उन्हें क्यों नही दे रहे हो। दुनिया में सबसे ज्यादा प्रताड़ित कोई लोग है तो वे है बर्मा से आये हुए रोहिंग्या। तो उन्हें क्यों छोड़ रहे हो।चलो मान लेते है की आप इन्हें नागरिकता दे रहे हो तो इन तीन देशो में से क्या आपके पास कोई सबूत है, क्या आपने कोई सर्वे करवाया है की यह लोग सबसे ज्यादा धर्म के आधार पर प्रताड़ित है। क्या तुमने इन तीनो देशो के सरकार से बात की। क्या तुमने इन सरकारों को कहा की तुम्हारे देश में धार्मिक आधार पर आत्याचार हो रहे है। क्या आपने किसी अंतरराष्ट्रीय मंच पर आवाज़ उठायी। आपने न तो  U.N, EUROPEAN UNION, HUMAN RIGHT  किसी में भी आवाज़ नही उठायी।

Supreme Court Advocate Raise Voice Against C.A.A & NRC

  • सच्चई यह की जो 15 लाख लोग NRC आसाम में बाहर है उनको यह नागरिकता देनी है।दूसरा आपको देश को हिन्दू-मुस्लिम में बाटना है।
  • तीसरा आप रोज़गार,शिक्षा,किसानो को दोगुनी आय देनी थी उन सब में आप फैल रहे।
  • 15 लाख रुपये अभी तक बैंक में नही आये।
  • इसी तरह से 2 करोड़ रोज़गार देने की बात कही पर कुछ नही मिला।
  • और इन सारी चीज़ों पर आप लोगो का धयान न जाए इसीलिए C.A.A ,NRC  लायी गयी है।अब NRC, सरकार कहती है की 1971 के पहले का अपने बाप,दादाओ के रहने का प्रमाण पत्र ले कर आओ तो बताओ कोई ले आएगा। अरे पढ़ा लिखा नही ला सकता तो अनपढ़ कहाँ से लाएगा ।
  • अरे इस देश को आधी आबादी तो अनपढ़ की है।
  • और क्यों लाकर दे होते कोन हो तुम? ये हमारा देश है तुम्हारे बाप का नही है। 

THANK YOU…

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