What is the Rupay Card? Explained Everything Steps By Step

Rupay Card : History So Far

जब से मानव का उद्भव हुआ है तब से वह विकास की रह पर चल रहा है। जैसे जैसे समय बीतता रहा वैसे वैसे मानव ने भी अपना विकास कई तरीको से कर लिया और उसमे सबसे बड़ी भूमिका विज्ञान ने निभाई है। विज्ञान ने मानव के जीवन को एक नए राह पर पहुंचा दिया है। जहाँ पुराने समय में लोग किसी भी चीज़ो को लेने देने के लिए वस्तु विनिमय,फिर सिक्को और सोने चांदी का उपयोग करते थे व्ही समय के बहाव में यह आगे चलकर इसने कागज़ के नोटों की शकल ले ली और 21 शताब्दी में तो इसमें और भी विकास हुआ और ये अब डिजिटल ज़माने में आ गया जहाँ पेसो या मुद्रा का लें देंन का सबसे अच्छा साधन डिजिटल तरीको पर निर्भर होने लगा। इन साधनो में क्रेडिट-कार्ड,डेबिट-कार्ड और रु-पेय का सबसे जयादा प्रयोग और बड़े पैमाने पर होने लगा। मास्टर-कार्ड और वीसा-कार्ड इसमें सबसे प्रमुख माधयम रहा और भारत भी इस मुद्रा के दौर में पीछे नहीं रहा और इसने भी अपना पहला रु-पेय डेबिट कार्ड जारी किया। यह एक तरह का दूसरा (मास्टर और वीसा कार्ड ) कार्ड है जो किसी भी तरह का डिजिटल भुगतान के लिए प्रयोग में लाया जायेगा। रु-पेय कार्ड एक डिजिटल कार्ड की तरह है जहाँ किसी भी “ए .टी.म” से पैसे निकल सकते है और अपनी जरूरत के हिसाब से खरच कर सकते है और इस भारत में ही नहीं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी इसका प्रयोग किया जा सकता है। अगर सुरक्षा के मधय देखा जाये तो रु-पेय कार्ड तकनिकी रूप से दुसरो कार्ड से जयादा सेफ है और दुसरो कार्ड की तुलना में तो यह प्रोसेसिंग फीस भी कम लेता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा खड़ी देशो यू.ए इ के यात्रा दे दौरान पेश किया गया है और यह ऐसा करने वाला पहला पशिचम एशिया का देश होगा।

What is the Rupay Card? Explained Everything Steps By Step
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भारत के बाद अब दूसरे देशो में भी रु-पेय कार्ड का अस्तित्व बढ़ रहा है अब सयुक्तअरब अमीरात के लोग भी इसका प्रयोग कर अपनी जरूरत को पूरा कर सकते है। भूटान और सिंगापूर में ये कार्ड पहले से चलन में है। जी.डी.पी के रूप में देखे तो भारत की अर्थव्यवस्था तो मजबूत होगी और विदेश में रह रहे लोगो को भी भारत द्वारा लांच किये गए कार्ड से काफी आराम मिलेगा। भारत के यु.ए.इ में राजदूत नवजीत सिंह सूरी ने कहा है की नेशनल पेमेंटस कॉरपरेशन इंडिया और यु.ए.इ के मर्करी सर्विस पेमेंट के बीच “एम्.ओ.यु” पर हस्ताक्षर हुआ है ताकि दोनों देशो के बीच टेक्नोलॉजी का इनरटेरफेरन्स न बढ़े और रु-पेय की सर्विस दोनों देशो में आरामपूर्वक चले और इससे यु.ए.इ में पॉइंट ऑफ़ सेल टरमोनानेर रु-पेय कार्ड का प्रयोग सम्भव हो सकेगा

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एक इंटरव्यू में आकाश जिंदल(अर्थशास्त्री) ने कहा है की– यु.ए.इ में हमारी बहुत अच्छी मित्रता है और वहां पर हमारे बहुत सारे भारतीय भाई रहते है और इंडियन टूरिस्ट रेगुलर बेसिस पर यु.ए.इ जाते है। बहुत से हमारे हिन्दुस्तानी भाई वहां नौकरी करने जाते है काम करने जाते है. कुछ कम समय के लिए नौकरी करते है कुछ लम्बे समय तक नौकरी करते है तो ऐसे में रु-पेय कार्ड लॉच होना फ़ायदे की चीज़ है। रु-पेय देश का अपना कार्ड है और इसे आर्थिक समावेश के लिए बनाया गया है। कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा दिया जा रह है। अब हमने आगे का स्टेप लिया है वैश्विक पटल पर इसे अलग अलग देशो में लॉच किया जा रहा है ताकि जितने हिंदुस्तानी बहार है चाहे वे नौकरी कर रहे हो या टूटरिस्ट हो वो इसका (रु-पेय कार्ड) फायदा उठा सके और साथ ही साथ इंडिया का नाम और ब्रांडिग दुनिया के अलग अलग देशो में फैलेगा।

यह पहला भारतीय कार्ड है और ये डिजिटल उपकरणों जैसे ए.टी.एम और पी.ओ एस तथा इ-कॉमर्स वेबसाइट पर काम करता है वैसे भारत के प्रयटक और नौकरी करने वालो के लिए सयुक्त अरब अमीरात महत्वपूर्ण और काफी पसंदीदा देशो में से एक है ऐसे में अगर जिन लोगो के पास पहले से ही रु-पेय कार्ड है वे युक्त अरब अमीरात में भी इसका प्रयोग कर पाएंगे। इस कार्ड के लांच से भारत और सयुक्त अरब अमीरात के बीच डिजिटल व्यापर और टूटिस्म को बढ़ावा मिलेगा। हलाकि की पी.एम ने भूटान दौरे पर शन्कोझा ज़ोन में खरीदारी करके रु-पेय कार्ड को लॉच किया था और यह ज़ोन भूटान में सबसे पुराना जगह है और इसे नॉन-प्रशासिक कामो के लिए भी प्रयोग में आता है इस कार्ड के लॉच होने से भूटान और भारत के व्यापारिक,सांस्कृतिक में भी बदलाव आएगा और दोनों देशो के सम्बन्ध मजबूत बन जायेगे।

शुभोमोय भट्टाचार्य,सलाहकार,सम्पादक,दी बिजनेस स्टैंडर्ड के द्वारा कहा गया की —-किसी भी देश के लिए अगर अपनी मुद्रा में ट्रांजेक्शन जयादा हो जैसे इसका एक छोर विदेशी मुद्रा में होगा तो दूसरा छोर भारत में होगा,तो ये जो टाई-अप है वो हमारे अर्थ व्यवस्था के लिए ठीक रहता है और इसके आने इंडियन रुपया का स्वीकार्यता बढ़ता है। और जैसे जैसे इसकी स्वीकार्यता बढ़ेगी वैसे वैसे करेंसी का स्ट्रेंथ बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था को विकास के रूप में बढ़ावा मिलेगा।

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इससे पहले रु-पेय का लॉच नेशनल्स पेमेंट्स कॉरप्रेसन ऑफ़ इंडिया और जे.सी.बी को लिमिटेड ने 22 जुलाई को किया था और इसके लॉच में भारतीय बैंक की भी भूमिका थी। आज कल लोग बिना जाने ही डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड का प्रयोग करते है। भारत सरकार ने वित्तीय समावेश को बढाने के लिए कुछ साल पहले ही इन कार्ड्स का लांच शुरू कर दिया था। पहले जब लोग बैंक से पैसे निकलते थे जिसमे उन्हें काफी टाइम और मेहनत लगता था फिर बैंक ने ए.टी,एम को समाज में प्रदर्शित किया और अब सरकार ने वीसा और मास्टरकार्ड का एकाधिकार ख़त्म करने के लिए रु-पेय कार्ड लांच किया है और वित्तीय सम्वेसन के लिए मार्च 2012 में यह कार्ड लॉच किया था। और 8 मई 2014 को राष्ट्रपति द्वारा अस्तित्व में लाया गया

Benefits of Rupay card :

यह भारत का अपना घरेलू भुगतान नेटवर्क है जो की मास्टर और वीसा कार्ड की तरह का है। इसका उद्भव दो शब्दों रुपया और पेय के साथ मिलकर बना है और इसे भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम द्वारा बनाया गया है। यह एक भारतीय कार्ड है जिससे इसके ट्रांजिकसन चार्जेस कम होंगी और बैंकिंग के लेन-देन की प्रोसेसस्सिंग स्पीड भी कम होग। इसके साथ ही रु-पेय कार्ड के इस्तेमाल पर कई तरह की छूट भी दी जाती है जिसमे फ्री इन्सुरेंस,फ्री सरचार्ज और फ्री रेलवे सरचार्ज और कई पेमेंट वॉलेट पर कैशबैक भी शामिल है। रु-पेय कार्ड के कई रूप है जिनका अपना अपना काम है जैसे क्रेडिट-कार्ड,डेबिट-कार्ड,ग्लोबल-कार्ड,प्रीपेड-कार्ड,और कॉन्टैक्टलेस- कार्ड है। रु-पेय ग्लोबल कार्ड को दुनिया में कही भी उपयोग में ला सकते है और कॉन्टैक्टलेस कार्ड के जरिये ऑफलाइन ट्रांजिक्शन भी की जा सकती है। देश में जहाँ कृषि को आगे और बढ़ावा देने के लिए रु-पेय किसान कार्ड भी बनाया गया है। जिसमे धयान दिया गया है की किसानो के लिए कुछ क्रेडिट रखे हो।
जब शुरुआत में रु-पेय कार्ड आया था तब वीसा और मास्टर कार्ड ने यू.एस को कहा था की भारत के प्रधानमंत्री राष्ट्रबाद का सहारा लेकर डेमोक्रेटिक पेमेंट को बढ़वा दे रहे है और नई दिल्ली के सरक्षणवाद की पॉलिसी दूसरे देशो के फॉरेन पेयमेंट कम्पनी को नुकसान पंहुचा रहे है।

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How it came into existence :

पहले के पेमेंट सिस्टम में लोग बैंक जाकर पैसे निकलते थे फिर उनकी स्थिति में सुधार हुआ हुआ ए.टी.एम अस्तित्व में आया फिर लोगो ने मशीनो से पैसा निकाल कर हार्ड-केश दुसरो को देते है . फिर उनकी स्थिति में सुधार हुआ और मास्टर और वीसा कार्ड बाजार में आया जिससे दुसरो बैंको के बेच लेनदेन आसानी से हो पाया पर इसमें परेशानी यह थी की प्रयोग की गई ट्रांजिक्शन का डेटा अमेरिका के पास जाता है और अमेरिका इससे काफी अच्छी तरह कमा भी रही है। इन सभी चीज़ो को सोल्व करने के लिए इंडिया ने रु-पेय कार्ड निकाला. एक उदहारण के द्वारा समझा जाये तो, अगर एक व्यक्ति 2000 रुपए की पेमेंट करता है तो वीसा और मास्टर कार्ड 3.25 रुपए ट्रांजिक्शन चार्ज लेता है और व्ही रु-पेय कार्ड 2.50 रुपए का ट्रांजिक्शन फीस ली जाती है। इससे एक फायदा ये होगा की देश का पैसा देश में ही रहेगा और एक्स्ट्रा चार्ज का पैसा भी देश में रहेगा।

what is National Payment Corporation of India :

नेशनल पेमेंटस कॉरपरेशन ऑफ़ इंडिया एक तरह का ऐसा संसथान है जो सभी तरह के डिजिटल पेमेंट का एक्सेस कही भी और कभी भी प्रदान करवाता है। यह एक नॉन-प्रॉफिट ओर्गनइजेशन है जिसकी स्थापना 2008 में कम्पनी एक्ट के सेक्शन 25,1956 में हुई थी। इसका प्रमोशन देश के सेंट्रल बैंक द्वारा किया जाता है। इसमें दस कोर मेंबर है जो स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया,पंजाब नेशन बैंक,सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया,बैंक ऑफ़ बरोदा,यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया,बैंक ऑफ़ इंडिया,आई.सी.आई.सी बैंक,एच्.डी.ऍफ़.सी बैंक,सिटीबैंक और एच.एस.बी.सी बैंक है।

आजकल सरकार के द्वारा अर्थव्यवस्था को सुचारु रूप से चलने के लिए प्रयास जा रहे है पर कई संसोधन ऐसे है जिसका शायद अब होने से कुछ जयादा फायदा नहीं मिलेगा.

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